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क्लाउड कंप्यूटिंग क्या है और इसके प्रकार

दोस्तों क्या आप भी जानना चाहते हैं क्लाउड कंप्यूटिंग क्या है – What is Cloud computing in Hindi और क्लाउड कंप्यूटिंग के प्रकार तो आज की इस पोस्ट में आपको Cloud Computing की पूरी जानकारी सरल और आसान शब्दों में दी गई है

Hello दोस्तों स्वागत है आपका MDS Blog में, उम्मीद करते हैं कि आप सभी स्वस्थ और सुरक्षित होंगे और अच्छे से अपना ख्याल रख रहे होंगे

कुछ नया सीखने के इस सिलसिले में आज हम एक औऱ अध्याय जोड़ते हुए आपको Cloud Computing के बारे में सिखाएंगे. आज हम सीखेंगे की Cloud Computing क्या होता है? यह कैसे कार्य करता है, यह कितने प्रकार का होता है? साथ ही साथ इसके फायदे और कुछ उदाहरणों पर भी हम नज़र डालेंगे तो चलिए शुरू करते हैं

क्लाउड कंप्यूटिंग क्या है – What is Cloud computing in Hindi

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इंटरनेट के माध्यम से विभिन्न प्रकार की सेवाएं जैसे किसी तरह का सॉफ्टवेयर या सर्वर पर स्टोरेज उपलब्ध करने के लिए प्रयोग में लायी जाने वाली तकनीक को हम Cloud Computing कहते हैं

दूसरे अर्थ में हम यह भी कह सकते हैं कि किसी भी प्रकार की Computing सेवा को यूजर की मांग या Demand पर इंटरनेट के माध्यम से प्रदान करना ही Cloud Computing कहलाता है

साधारण भाषा में Cloud computing को समझे तो यह ऐसी तकनीक है जिसके माध्यम से उपभोक्ता यानी User को इंटरनेट पर किसी एक सर्वर जिसे हम Cloud कहते हैं पर data store करने की सुविधा प्रदान की जाती है तथा यूजर उस Cloud यानी सर्वर पर Space यानी जगह खरीदकर अपना data save कर सकता है तथा जब चाहे उसे Access कर सकता है और अधिक आसानी से इसे समझने के लिए हम इसके कुछ उदाहरणों पर नज़र डालते हैं

Cloud computing के उदाहरण

वर्तमान समय में Cloud Computing का प्रयोग काफी प्रचलन में है. हमारे आस पास इसके कई उदाहरण मौजूद हैं जैसे –

Youtube

Youtube के बारे में तो हम सब जानते ही हैं यह आज के दौर का सबसे ज्यादा प्रसिद्ध Video sharing platform है. आय दिन इस पर लाखों Videos upload की जाती हैं. इस सब के लिए Youtube क्लाउड कम्प्यूटिंग का ही इस्तेमाल करता है

Social Media Platforms

Social Media Platforms जैसे facebook, twitter, Instagram आदि पर लाखों यूजर हैं और उन सभी यूज़र्स का बहुत सा डेटा भी मौजूद है. इस सभी डेटा को सेव करने के लिए इन Platforms द्वारा cloud computing का ही प्रयोग किया जाता है

Online Storage

आज के समय में कई सारी Companies ऑनलाइन स्टोरेज उपलब्ध कराने की सुविधा प्रदान करते हैं जैसे – Dropbox, Google Drive, Yondex आदि ये सभी Companies भी क्लाउड कम्प्यूटिंग का ही प्रयोग करते हैं

Emails

ईमेल की सुविधा प्रदान करने वाली Companies जैसे Gmail, Yahoo, Rediff आदि भी Cloud computing का इस्तेमाल करते हैं

क्लाउड कंप्यूटिंग काम कैसे करता है – How Cloud computing works

Cloud Computing साधारणतः Dual Layer Technology पर आधारित होता है. Cloud Computing में बहुत सारे Servers इस्तेमाल किये जाते हैं जिनमें एक विशेष तरह का Software होता है जिन्हें काम में लिया जाता है

Servers को मैनेज करने के लिए एक लेयर होती है जिसे हम Back End कहते हैं वहीं दूसरी लेयर जिसे क्लाइंट्स या यूज़र्स इस्तेमाल करते हैं उसे Front End के नाम से जाना जाता है. इसी प्रकार दोनों end, back end और front end मिलकर क्लाउड कम्प्यूटिंग के लिए सर्वर को सेटअप करते हैं

क्लाउड कंप्यूटिंग के प्रकार – Types of Cloud computing in Hindi

Cloud Computing को दो अलग अलग आधारों पर अलग अलग भागों में बांटा जाता है. Diployment के आधार पर और Services के आधार पर

Diployment के आधार पर

Diployment के आधार पर Cloud computing को निम्न भागों में बांटा जाता है –

  • Private Cloud Computing
  • Public Cloud Computing
  • Community Cloud Computing
  • Hybrid Cloud Computing

Private Cloud Computing – इसके अंतर्गत सभी सुविधाएं प्राइवेट क्लाउड में दी जाती हैं यानी सभी Services और networks एक private cloud पर store की जाती हैं. इसका प्रयोग कोई यूजर अपने प्राइवेट डेटा को सुरक्षित रखने के लिए करता है जैसे -Google Drive

Public Cloud Computing – नाम से ही ज्ञात होता है कि यह Cloud Public यानी जनता के लिए उपलब्ध रहता है. ये या तो मुफ्त होते हैं या बहुत ही सस्ते दामो पर उपलब्ध होते हैं जैसे- Amazon Web Services आदि

Community Cloud Computing – नाम से हम समझ सकते हैं कि यह ऐसा क्लाउड होता है जो किसी एक कम्युनिटी या समूह के लोगों के लिए उपलब्ध होता है. उस समूह के अलावा अन्य व्यक्ति इसका इस्तेमाल नही कर सकते हैं. किसी दफ्तर, कॉलेज आदि द्वारा बनाया गया क्लाउड इसका उदाहरण होता है

Hybrid Cloud Computing – Hybrid cloud ऐसा क्लाउड होता है जिसमें प्राइवेट तथा पब्लिक दोनों ही प्रकार के क्लाउड्स का समावेश होता है. इसके अंदर कुछ डेटा सभी के लिए Accessable होता है जबकि कुछ डेटा केवल Registered लोगों के लिए

Services के आधार पर

Cloud Computing को उसके द्वारा दी जाने वाली services के आधार पर निम्न भागों में बांटा जाता है –

  • Infrastructure As A Service (IASS) Cloud Computing
  • Platform As A Service (PASS) Cloud Computing
  • Software As a Service (SASS) Cloud Computing

Infrastructure As A Service (IASS) – इसके अंतर्गत Cloud का computing power, Software Network power, Storage सभी कुछ यूजर के द्वारा नियंत्रित किया जाता है इसका एक उदाहरण VPS है

Platform As A Service (PASS) – इस प्रकार की सर्विस के अंतर्गत यूजर को एक ही Platform दिया जाता है जिसके अंदर storage या Computing power में से केवल एक ही सुविधा उपलब्ध होती है. इसका पूर्ण नियंत्रण यूजर के हाथ में नही होता है. इसके उदाहरण Gmail और Reddif आदि हैं

Software As a Service (SASS) – इस प्रकार की Cloud service के अंतर्गत यूजर को remote server पर Hosted केवल एक ही Software प्रदान किया जाता है जिसका इस्तेमाल केवल किसी एक ही निश्चित कार्य के लिए कर पाना संभव होता है. Google Docs, Google Gsuite आदि इसके उदाहरण हैं

क्लाउड कंप्यूटिंग के लाभ – Benefits of Cloud computing in Hindi

Cloud computing बेहद फायदेमंद तकनीक साबित होती है. इसके कुछ फायदे निम्न प्रकार से है –

  • Cloud computing कम कीमत पर तथा आसानी से उपलब्ध होती है.
  • Cloud computing के जरिये यूजर को अधिक डेटा स्टोरेज उपलब्ध होता है. इसके अंतर्गत यूजर का डेटा क्लाउड में सेव होता है जिसकी स्टोरेज यूजर अपनी इच्छा व जरूरत के अनुसार बढ़ा सकता है.
  • Cloud computing की सहायता से यूजर इसमें Save किये डेटा को दुनिया के किसी भी कोने व किसी भी डिवाइस से इंटरनेट की सहायता से acess कर सकता है.
  • Cloud computing के अंतर्गत यूजर को मनचाही Processing power उपलब्ध होती है. यूजर अपनी इच्छा और जरूरत के अनुसार Processing power खरीद सकता है.

आज आपने सीखा

दोस्तों उम्मीद है आपको बताई गई जानकारी क्लाउड कंप्यूटिंग क्या है – What is Cloud computing in Hindi जरूर पसंद आई होगी. अगर आप ऐसे ही जानकारियों को पढ़ने में रुचि रखते हैं तो आप MDS BLOG के साथ जुड़ सकते हैं

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