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देवभूमि उत्तराखंड पर निबंध हिंदी में

देवभूमि उत्तराखंड पर निबंध :- भारत में देवभूमि कहा जाने वाला तथा प्राकृतिक सौन्दर्य द्वारा अच्छी तरह से सुसज्जित राज्य उत्तराखंड पूरे विश्व में भारत की शोभा बढ़ाता है. उत्तराखंड सुंदर वादियों वाला एक राज्य है जो हर किसी का मन मोह लेता है

क्या आप देवताओं की भूमि यानी देवभूमि उत्तराखंड पर निबंध की तलाश कर रहे हैं तो यह पोस्ट आपके लिए एकदम सही है. आज मैं आपको उत्तराखंड पर निबंध कैसे लिखें इसके बारे में बताऊंगा. तो आइए बिना समय गवाएं पढ़ते हैं

1) उत्तराखंड पर निबंध – 10 Lines on Uttarakhand in Hindi

  • उत्तराखंड उत्तर भारत में स्थित एक सुन्दर पर्वतीय राज्य है
  • इसे देवभूमि भी कहा जाता है
  • उत्तराखंड राज्य का गठन 9 नवंबर सन 2000 में उत्तरप्रदेश से अलग होकर हुआ
  • गठन के समय राज्य का नाम उत्तरांचल रखा गया था
  • जनवरी 2007 में राज्य का आधिकारिक नाम बदलकर उत्तराखंड कर दिया गया
  • उत्तराखंड की राजधानी देहरादून है
  • उत्तराखण्ड में 13 जिले हैं जो दो मण्डलों कुमाऊँ मण्डल और गढ़वाल मण्डल में विभक्त हैं
  • राज्य की राजभाषा हिंदी और संस्कृत है
  • हिंदू धर्म की दो पवित्र नदियां गंगा और यमुना भी इसी राज्य से निकलती है
  • उत्तराखण्ड के शैक्षणिक संस्थान भारत और विश्वभर में एक महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं

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2) उत्तराखंड राज्य पर निबंध – Uttarakhand Essay in Hindi

“हिमालय की गोद में बसा अद्भुत छटा बिखराए
चारों धाम ऋषि मुनि यहीं पर, देवभूमि कहलाए”

उत्तराखंड उत्तर भारत में स्थित एक पर्वतीय राज्य है. इसे देवभूमि भी कहा जाता है. यह हिमालय पर्वत श्रृंखला की तलहटी में स्थित है. यह ऋषि मुनियों की भूमि के रूप में जाना जाता है. उत्तराखंड राज्य का गठन 9 नवंबर सन 2000 में उत्तरप्रदेश से अलग होकर हुआ

इसका गठन भारत के सत्ताइसवें राज्य के रूप में किया गया था. गठन के समय राज्य का नाम उत्तरांचल रखा गया था. जनवरी 2007 में स्थानीय लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य का आधिकारिक नाम बदलकर उत्तराखण्ड कर दिया गया

उत्तराखण्ड में कुल 13 जिले हैं जो कुमाऊँ मण्डल और गढ़वाल मण्डल में विभक्त हैं. राज्य की सीमाएँ उत्तर में तिब्बत और पूर्व में नेपाल से लगी हैं. पश्चिम में हिमाचल प्रदेश और दक्षिण में उत्तर प्रदेश इसकी सीमा से लगे राज्य हैं

पारम्परिक हिन्दू ग्रन्थों और प्राचीन साहित्य में इस क्षेत्र का उल्लेख उत्तराखण्ड के रूप में ही किया गया है. हिन्दी और संस्कृत में उत्तराखण्ड का अर्थ उत्तरी क्षेत्र या भाग होता है. राज्य की राजभाषा हिंदी और संस्कृत है

यह एक पहाड़ी प्रदेश है. यहाँ ठण्ड बहुत होती है इसलिए यहाँ के मकान पक्के होते हैं. कृषि के साथ पशुपालन लगभग सभी घरों में होता है. कस्बों के समीप के लोग दूध का व्यवसाय भी करते हैं

शेष भारत के समान ही उत्तराखण्ड में पूरे वर्षभर उत्सव मनाए जाते हैं. भारत के प्रमुख उत्सवों जैसे दीपावली, होली, दशहरा इत्यादि के अतिरिक्त यहाँ के कुछ स्थानीय त्योहार हैं

उत्तराखंड की लोक संस्कृति भारतीयता की जितनी वाहक है, यहां की पुण्य भूमि और प्राकृतिक संपदा उससे भी अधिक स्मरणीय और नमनीय है. हम सभी को मिलकर इस देवभूमि के संरक्षण एवं संवर्धन का भरपूर प्रयत्न करना चाहिए. उत्तराखंड राज्य देवों की भूमि होने के साथ-साथ प्राकृतिक सुंदरता का भी एक प्रत्यक्ष उदाहरण है

“ऋषि मुनियों और देवों की भूमि यह कहलाता है
उत्तराखंड राज्य धरती पर स्वर्ग सा नजारा दिखलाता है”

3) देवभूमि उत्तराखंड पर निबंध – Essay on Uttarakhand in Hindi

देवभूमि उत्तराखंड पर निबंध

“ऋषि-मुनियों और देवों की भूमि यह कहलाए
उत्तराखंड राज्य, धरती पर स्वर्ग सा नजारा दिखलाए”

प्रस्तावना

“देवभूमि” कहा जाने वाला उत्तराखंड भारत देश में स्थित एक पर्वतीय राज्य है. यह देश का सत्ताईसवाँ (27वाँ) राज्य है. 9 नवम्बर सन 2000 में यह उत्तर प्रदेश से अलग हुआ और एक अलग राज्य बना. उत्तराखंड राज्य में अनेक तीर्थस्थल और प्रसिद्ध मंदिर हैं

उत्तराखंड राज्य की भौगोलिक स्थिति

उत्तराखंड एक पहाड़ी राज्य है जो हिमालय श्रृंखला की दक्षिणी ढलान पर स्थित है. उत्तराखंड राज्य में कुल 13 जिले हैं जो दो मंडलों में विभक्त है – गढ़वाल मंडल और कुमाँऊ मंडल

उत्तराखंड राज्य का कुल क्षेत्रफल 53,483 किलोमीटर है. उत्तराखंड राज्य की सीमाएं पूर्व दिशा में नेपाल के साथ, उत्तर दिशा में तिब्बत के साथ, पश्चिम दिशा में हिमाचल प्रदेश के साथ और दक्षिण दिशा में उत्तर प्रदेश के साथ मिलती हैं

उत्तराखंड राज्य की राजधानी देहरादून है. उत्तराखंड में मौसम और वनस्पति में ऊंचाई के साथ साथ अधिक परिवर्तन होता रहता है. राज्य की सर्वोच्च ऊंचाई पर हिमनद स्थित हैं और राज्य के निचले स्थानों पर उपोष्ण कटिबंधीय वन है. यहां की आधिकारिक भाषाएं हिंदी तथा संस्कृत हैं. गढ़वाली तथा कुमांउनी भाषाएं स्थानीय भाषाओं के रूप में यहां बोली जाती हैं

उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता

देवभूमि उत्तराखंड का प्राकृतिक सौंदर्य अत्यंत मनोरम और आकर्षक है. यह सौंदर्य ना केवल भारतीय अपितु विदेशों से भी पर्यटकों को खींच लाता है

उत्तराखंड राज्य में हिम से ढकी हुई पर्वत श्रृंखलाएं, हरे-भरे वन, वनों में रहने वाले दुर्लभ वन्य जीव देखने लायक हैं. उत्तराखंड राज्य में स्थित फूलों की घाटी तो अपनी सुंदरता के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध है और इसे विश्व धरोहर की सूची में भी रखा गया है

धार्मिक दृष्टि से उत्तराखंड

धार्मिक दृष्टि से यह राज्य अत्यंत ही पवित्र राज्य माना जाता है. इस राज्य में अनेक मंदिर हैं. भगवान शिव का निवास स्थान कैलाश पर्वत भी यहीं स्थित है. हिमालय पर्वत भी उत्तराखंड राज्य में आता है. हिन्दू धर्म मे अति पवित्र मानी जानी वाली नदियां गंगा और यमुना का उद्गम इसी राज्य से हुआ है

भारतीय धर्म एवं ग्रंथों के अनुसार चार धाम यमुनोत्री, गंगोत्री, बद्रीनाथ तथा केदारनाथ उत्तराखंड राज्य में ही स्थित हैं इसी के चलते उत्तराखंड को देवताओं की भूमि यानी देवभूमि कहते हैं. उत्तराखंड राज्य में 85 फीसदी हिन्दू धर्म को मानने वाले लोग रहते हैं तथा बाकी अन्य सभी धर्म के लोग यहाँ रहते हैं

उत्तराखंड है पर्यटन का मुख्य केंद्र

उत्तराखंड राज्य धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण होने के साथ साथ पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र है. उत्तराखंड राज्य में स्थित महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उद्यान जैसे जिम कार्बेट राष्ट्रीय उद्यान (रामनगर), फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान (नैनीताल) और नन्दा देवी राष्ट्रीय उद्यान (चमोली जिला) अपनी सुंदरता के कारण पूरे विश्व भर में प्रसिद्ध है

उत्तराखंड राज्य में हरिद्वार, देवप्रयाग, यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ, गौरीकुंड, त्रिजुगीनारायण, टिहरी, ऋषिकेश, धरासू, तुंगनाथ, ताड़केश्वर मंदिर, उत्तरकाशी, लैंसडौन इत्यादि पर्यटन के मुख्य केंद्र हैं

“अतीव सुंदरता है इसकी, पर्यटन का है मुख्य केंद्र
हिमनद और घाटी फूलों की, शिव संग बसते हैं नागेंद्र”

उपसंहार

उत्तराखंड की लोक संस्कृति भारतीयता की जितनी वाहक है, यहां की पुण्य भूमि और प्राकृतिक संपदा उससे भी अधिक स्मरणीय और नमनीय है. हम सभी को मिलकर इस देवभूमि के संरक्षण एवं संवर्धन का भरसक प्रयत्न करना चाहिए. उत्तराखंड राज्य देवों की भूमि होने के साथ-साथ प्राकृतिक सुंदरता का भी एक प्रत्यक्ष उदाहरण है

हिमालय की गोद में बसा अद्भुत छटा बिखराए
चारों धाम, ऋषि मुनि यहां पर.. देवभूमि कहलाए”

FAQ’s – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

उत्तराखंड में कुल कितने जिले हैं

उत्तराखंड में कुल 13 जिले हैं

उत्तराखंड राज्य का क्षेत्रफल कितना है

उत्तराखंड राज्य का क्षेत्रफल 53,483 किलोमीटर है

उत्तराखंड का गठन कब हुआ

उत्तराखंड का गठन 9 नवंबर सन 2000 को हुआ था

उत्तराखंड का पूर्व नाम क्या था

उत्तराखंड का पूर्व नाम उत्तरांचल था

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आज आपने जाना

मुझे उम्मीद है देवभूमि उत्तराखंड पर निबंध (Essay on Uttarakhand in Hindi) को पढ़कर आप समझ गए होंगे कि उत्तराखंड पर किस प्रकार निबंध लिखना है. आपके लिए यह निबंध कितना उपयोगिता था हमें कमेंट बॉक्स में बताएं

इसी तरह के विभिन्न निबंध हर दिन MDS BLOG पर प्रकाशित होते रहते हैं. आज ही MDS के साथ जुड़े सबसे पहले अपडेट रहने के लिए

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