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Driving License (DL) क्या है पूरी जानकारी

क्या आप खोज रहे हैं कि DL क्या है – What is DL (Driving license) in Hindi और ड्राइविंग लाइसेंस के प्रकार, लर्निंग लाइसेंस क्या है? तो आज कि यह पोस्ट आपके लिए काफी लाभकारी साबित होगी

नमस्कार दोस्तों कैसे हैं आप सब? आशा करते हैं आप सभी स्वस्थ और सुरक्षित होंगे. आजकल हम सभी के पास कुछ न कुछ समय खाली होता है यहाँ तक कि कुछ लोग बोर भी हो रहे हैं घर में बैठे बैठे

पर फिलहाल आपको बोर होने की जरूरत नहीं है. इस खाली समय में कुछ नया सीखते हैं. समय भी कट जाएगा और कुछ नया सीखने को भी मिल जाएगा

दोस्तों हम सभी अपने दैनिक जीवन में कार, बस, टैक्सी, बाइक आदि दोपहिया या चौपहिया वाहनों का इस्तेमाल करते आ रहे हैं. काफी लोगों को वाहन चलाने भी आते हैं, काफी लोग सीखना चाहते हैं या सीख भी रहे हैं

तो अगर आप भी उन लोगों में से हैं तो ये ब्लॉग पोस्ट आपके लिए बहुत ही ज्यादा जरूरी है. आपने कई बार अपने दोस्तों से, न्यूज़ में, अखबार या इंटरनेट में सुना होगा कि वाहन चालक के पास DL न होने के कारण उसे जुर्माना भरना पड़ा या पुलिस द्वारा उसका वाहन जप्त कर लिया गया

ऐसी खबरें लगभग आम तौर पर सुनने में आती रहती हैं. तो आपने कभी सोचा है कि ये आखिर DL क्या होता है? अगर आप जानते हैं तो बहुत अच्छी बात है. लेकिन अगर नहीं जानते तो चिंता मत कीजिये आज हम DL के बारे में आपको अच्छे से समझते हैं. तो चलिए शुरू करते हैं आज का विषय DL यानी ड्राइविंग लाइसेंस क्या है?

DL क्या है – What is DL (Driving License) in Hindi

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दोस्तों सबसे पहले हम DL का फुल फॉर्म जानते हैं दरअसल DL का फुल फॉर्म होता है DRIVING LICENSE. DL या ड्राइविंग लाइसेंस सरकार द्वारा प्रमाणित एक ID कार्ड या लाइसेंस होता है. जो इस बात की पुष्टि करता है कि कोई व्यक्ति किसी वाहन को चलाने की योग्यता रखता है

यदि आपको वाहन चलाना आता भी है तो भी वैधानिक तरीके या legally वाहन को चलाने के लिए आपको एक लाइसेंस की आवश्यकता होती है. जो सरकार द्वारा कुछ प्रक्रियाओं एवं test लेने के बाद दिया जाता है, इसी लाइसेंस को हम DL या Driving license कहते हैं

दोस्तों इसको प्राप्त करने के पश्चात आपको सरकार द्वारा वाहन चलाने की अनुमति मिल जाती है. बिना DL के वाहन चलाना गैर कानूनी है और पकड़े जाने पर आपको मुसीबत का सामना करना पड़ता है. इसलिए अगर आप वाहन चलाते हैं तो अपना DL जरूर बनाएं

DL यूँ तो ड्राइविंग के लिए होता है परंतु इसका प्रयोग ID कार्ड के रूप में भी किया जा सकता है. इसका प्रयोग ID Proof के रूप में भी किया जाना मान्य होता है. यदि आपके पास आपका आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड या अन्य कोई ID कार्ड किसी मौके पर उपलब्ध नहीं होता है तो आप अपने Driving License का प्रयोग भी ID proof के रूप में कर सकते हैं

LL क्या है – What is LL (Learning Licence) in Hindi

दोस्तों आपकी जानकारी के लिए बता दूं यदि आपने पहले कभी भी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अप्लाई नहीं किया है. तो सबसे पहले Learning Licence अप्लाई करना होता है. जी हां यानी कि किसी भी व्यक्ति को पहले सीधे ही DL नहीं मिलता पहले Learning Licence (LL) के लिए अप्लाई किया जाता है

LL या Learning Licence कैसे बनवाएं ?

लर्निंग लाइसेंस बनाने के लिए आप Online और Offline दोनों में से अपनी आवश्यकतानुसार रास्तों का चुनाव कर सकते हैं. ऑनलाइन लर्निंग लाइसेंस बनाने का सबसे अच्छा माध्यम है कि आप एक CSC सेंटर पर जाएं और वहां अपने बतायें गये कुछ डॉक्यूमेंट सबमिट करें इसके आगे की जानकारी CSC सेंटर वाले आपको दे देंगे

दूसरा तरीका है RTO ऑफिस जाकर, आपको RTO ऑफिस जाकर बताये गये डॉक्यूमेंट सबमिट करने के कुछ समय बाद लर्निंग लाइसेंस प्राप्त हो जाएगा. जिसकी वैधता 1 महीने से लेकर 6 महीने तक होती है. इन 1-6 महीनों में आप Full driving license के लिए अप्लाई कर सकते हैं और इसकी फीस CSC तथा RTO ऑफिस में अलग-अलग हो सकती है

पर मेरा आपको सुझाव रहेगा कि आप RTO ऑफिस जाकर ही लर्निंग लाइसेंस के लिए अप्लाई कीजिए ताकि आपको लाइसेंस की और अधिक जानकारी मिल सके

DL या LL बनाने के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट

दोस्तों जब भी आप Online driving license या किसी RTO ऑफिस में ऑफलाइन तरीके से ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अप्लाई करते हैं तो आपको कुछ डॉक्यूमेंट की आवश्यकता होती है. जिन्हें कि आपको Submit करना होता है. दोस्तों इसके लिए आपको Age Proof डॉक्यूमेंट और Address Proof डॉक्यूमेंट की आवश्यकता होती है तथा आप अपने साथ अपनी 4-6 पासपोर्ट साइज फोटो जरूर रखें

Age Proof में आप Birth Certificate, PAN Card, Passport, 10th passmark sheet किसी में से भी एक का इस्तेमाल कर सकते हैं और Address Proof में आप Passport, Aadhaar Card, Self-owned house agreement, Voter ID Card, Ration card इत्यादि में से किसी भी एक को सबमिट कर सकते हैं

चलो अब जानते हैं कि ड्राइविंग लाइसेंस कितने प्रकार के होते हैं और उसके बाद पढ़ते है कि ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अप्लाई कैसे करें ?

ड्राइविंग लाइसेंस के प्रकार – Types of Driving License in Hindi

ड्राइविंग लाइसेंस के प्रकार - Types of driving license in Hindi

हम सभी जानते हैं कि यह आवश्यक नहीं है कि जिस व्यक्ति को बाइक चलानी आती है उसे कार, बस या ट्रक चलाना भी आता हो. इसी कारण अलग-अलग वाहनो के लिए अलग-अलग तरह के Driving License बनवाये जाते हैं. दोपहिया वाहनों तथा चौपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग DL बनाना पड़ता है. आइए इसके बारे में भी आपको बताता हूं

  1. MC 50CC DL (driving license)
  2. FVG DL (driving license)
  3. MC With Gear DL (driving license)
  4. LMV-NT DL (driving license)
  5. LMV-TR DL (driving license)
  6. LMV DL (driving license)
  7. HPMV DL (driving license)
  8. HTV DL (driving license)
  9. HMV DL (driving license)
  10. TRAILOR DL (driving license)

1. MC 50CC - यह सबसे बेसिक ड्राइविंग लाइसेंस होता है. जिसके लिए आप 16 वर्ष की आयु से अप्लाई कर सकते हैं. इसमें आप 50CC या 50CC से कम पावर वाली स्कूटर, बाइक आदि चला सकते हैं

2. FVG - इस तरह के ड्राइविंग लाइसेंस के अंतर्गत आप बिना Gear वाली बाइक, स्कूटर आदि चला सकते हैं. यह कितनी भी CC की हो यह मायने नहीं रखता, लेकिन यह Without gear होनी चाहिए

3. MC With Gear - इस तरह के लाइसेंस के माध्यम से आप Gear वाली या बिना Gear वाली स्कूटर या बाइक आसानी से चला सकते हैं. यदि आप केवल बाइक चलाते हैं तो आपके पास यह लाइसेंस होना अनिवार्य है

4. LMV-NT - इसका मतलब Light Motor Vehicle – Non-Transport होता है. इस तरह के लाइसेंस से आपको कार चलाने की वैधता मिल जाती है. लेकिन आप इस प्रकार के लाइसेंस से कोई Commercial काम नहीं कर सकते कहने का मतलब यह है कि आप Cab, Taxi नहीं चला सकते हैं

5. LMV-TR  - इसका मतलब Light Motor Vehicle – Transport होता है. यदि आपके पास यह लाइसेंस है तो इसके माध्यम से आप Commercial कार्य कर सकते हैं. जैसे कि आप Cab, Van या Taxi आसानी से चला सकते हैं

6. LMV - इसका मतलब Light Motor Vehicle होता है. इस प्रकार के ड्राइविंग लाइसेंस आप LMV-NT और LMV-TR दोनों प्रकारों के लाइसेंस वाले कार्य कर सकते हैं. इससे आप बाइक और स्कूटर भी आसानी से चला सकते हैं

7. HPMV - इसका मतलब Heavy Passenger Motor Vehicle होता है. इस तरह के लाइसेंस को पाने के लिए आपकी उम्र लगभग 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए. कुछ राज्यों में यह 18 वर्ष मांगी जाती है तो कुछ राज्यों में यह 20 साल अनिवार्य है तथा इस प्रकार के लाइसेंस को बनाने के लिए Qualification 8 Class तक होना अनिवार्य है

8. HTV - इसका फुल फॉर्म Heavy Transport Vehicle है. इस तरह के लाइसेंस के माध्यम से आप बस, ट्रक इत्यादि Transport Vehicle आसानी से चला सकते हैं. इसको बनाने के लिए आप की उम्र 18 से 20 साल होना अनिवार्य है तथा Qualification 8 Class तक होना अनिवार्य है

9. HMV - इसका फुल फॉर्म Heavy Motor Vehicle है. HMV एक प्रकार का एडवांस ड्राइविंग लाइसेंस होता है. इससे आप बस, ट्रक, टेंपो सभी प्रकार के वाहन चला सकते हैं. आप चाहे तो पर्सनल यूज़ के लिए भी इसे उपयोग कर सकते हैं

10. TRAILOR - TRAILOR एक ऐसा लाइसेंस है जिसके अंतर्गत बड़े-बड़े ट्रांसपोर्ट ट्रकों को चलाने की वैधता मिलती है. इस लाइसेंस को अप्लाई करने के लिए आपके पास Heavy Motor Vehicle licence होना अनिवार्य है

DL या Driving License कैसे बनवाएं ?

अब तक आपने जाना कि ड्राइविंग लाइसेंस क्या है और इसका होना क्यों जरूरी है? अब आपके मन में सवाल होगा कि आखिर DL कैसे और कहाँ से बनवाया जा सकता है. तो चलिए हम बताते हैं आपको कि आप अपना DL कैसे और कहां से बना सकते हैं?

जैसे कि आपने ऊपर पढ़ा ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए लर्निंग लाइसेंस की आवश्यकता होती है तथा 1 महीने से 6 महीने तक लर्निंग लाइसेंस की वैधता होती है. लर्निंग लाइसेंस बनने के 1 महीने बाद ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आपको फिर से अप्लाई करना होगा

आपको अपने RTO ऑफिस में जाकर लर्निंग लाइसेंस डॉक्यूमेंट तथा 1-2 अन्य डॉक्यूमेंट सबमिट करने होंगें. इसके बाद आपका Live Driving Test किया जाएगा जिसमें ऑफिसर यह चेक करेंगे कि आप वाहन चलाने योग्य है या नहीं

DL बनवाने के लिए आपको कुछ छोटी सी धनराशि भी देनी होती है यानी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की फीस आपको लगभग ₹300 से ₹800 तक देनी होती है तथा ड्राइविंग टेस्ट में पास होने के बाद आपको ड्राइविंग लाइसेंस मिल जाता है

DL की वैधता या Validity कितनी होती है ?

दोस्तों DL की वैधता अप्लाई करने वाले व्यक्ति की उम्र पर निर्भर करती है. वैसे आमतौर पर DL की वैधता 10-20 साल होती है लेकिन 45-55 साल से अधिक उम्र वाले व्यक्तियों को उनकी Condition देखकर उसके आधार पर वैधता कम भी की जा सकती है या अगर अधिकारी को लगे की ये व्यक्ति योग्य नहीं है तो हो सकता है कि आपको DL न दिया जाए

विभिन्न जगहों पर 45-55 से अधिक आयु के लोगों का मेडिकल सर्टिफिकेट भी अत्यंत जरूरी माना जाता है. इसीलिए यदि आप की उम्र 45 से अधिक है तो किसी सरकारी डॉक्टर से मेडिकल सर्टिफिकेट अवश्य तैयार कराएं

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

DL का फुल फॉर्म क्या होता है ?

DL का फुल फॉर्म Driving License होता है

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संक्षेप में

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