Hindi Essay

हिंदी भाषा का महत्व पर निबंध

दोस्तों क्या आप हिंदी भाषा का महत्व पर निबंध (Essay on Importance of Hindi language) खोज रहे हैं तो आपने एक सही पोस्ट का चुनाव किया है. आज की इस पोस्ट में हम आपको हिन्दी भाषा का महत्व पर निबंध कैसे लिखा जाए इसके बारे में बताएंगे

इस पोस्ट के माध्यम से आपको 2 निबंध बताए गए हैं. विद्यार्थियों के लिए यह पोस्ट काफी उपयोगी है. तो आइए हिंदी भाषा का महत्व पर निबंध जानते हैं

हिंदी भाषा का महत्व पर निबंध

हिंदी भाषा का महत्व पर निबंध

“राष्ट्र के निर्माण में निभाती अहम योगदान,
संस्कृति की वाहक हिंदी बढ़ाती देश का मान”

प्रस्तावना

हमारे राष्ट्र के निर्माण में हिंदी की भूमिका उसी प्रकार है जिस प्रकार एक पेड़ के निर्माण में जड़ की भूमिका होती है. हिंदी भारत की स्वयंसिद्ध राष्ट्र भाषा है

देश में हिंदी बोलने वालों का प्रतिशत 65% से भी अधिक है. सभी भारतवासी चाहे वे किसी भी प्रदेश से क्यूँ ना हों, हिंदी भाषा को समझ ही लेते हैं

हिंदी बहुत ही सहज और सरल भाषा है. हिंदी के द्वारा हम अपनी भावनाओं अपने विचारों को आसानी से व्यक्त कर सकते हैं

राष्ट्र निर्माण में हिंदी की भूमिका

हमारे राष्ट्र की एकता, अखंडता और विकास में हिंदी की महत्वपूर्ण भूमिका है. एक योग्य भाषा के रूप में हिंदी राष्ट्र को सशक्त बनाती है

हिंदी हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक एकता को भी आगे बढ़ाती है. आजादी की लड़ाई में सभी वर्गों, सभी जातियों ने हिंदी को ही अपने संघर्ष का माध्यम स्वीकार किया था और हिंदी के ही बल पर एक बड़ा राष्ट्रीय आंदोलन खड़ा हो पाया था

देश की स्वतंत्रता से लेकर अब तक हिंदी ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं. भारत सरकार द्वारा विकास योजनाएं एवं नागरिक सेवाएं प्रदान करने हेतु हिंदी के प्रयोग पर जोर दिया जा रहा है

एक भाषा के रूप में हिंदी ना सिर्फ भारत की पहचान है बल्कि हमारे जीवन मूल्यों, संस्कृति और संस्कारों की सच्ची संवाहक, संप्रेक्षक और परिचायक भी है

यह सहज और सरल तो है ही बल्कि विश्व की सबसे अधिक वैज्ञानिक भाषा भी है. हिंदी भाषा राष्ट्र हेतु प्राचीन सभ्यता सँस्कृति और आधुनिक विकास के बीच एक सेतु के समान है

“वैज्ञानिक है ये भाषा, सहज सरल कहलाए,
संस्कृति और आधुनिकता के बीच सेतु ये बन जाए”

यद्यपि हिन्दी के ही नही वरन् देश की अन्य भाषाओं के विद्वानों ने भी राष्ट्रभाषा के रूप में हिन्दी का समर्थन किया है. फिर भी हिन्दी को आजतक उसका गौरवपूर्ण स्थान प्राप्त नहीं हो सका है

आज के संदर्भ में भाषा के अभाव में सामाजिक और राष्ट्रीय प्रगति की कल्पना नहीं की जा सकती है. किसी भी देश के निवासियों में आपस के संवाद के लिए एक सामान्य भाषा की आवश्यकता होती है

भाषावार प्रांतों की रचना के कारण देश में एक ऐसा वातावरण उत्पन्न हो गया है कि वे सभी भाषाएँ जो हिंदी की बहनें मानी जाती थीं, कहीं न कहीं हिंदी से प्रतिस्पर्धा करने लगी हैं. भाषा को धर्म से जोड़ना भी भाषा के लिए एक दुखद पहलू होता है

हिंदी भाषा का महत्व

हिंदी विश्व की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है. हिंदी भारत संघ की राजभाषा होने के साथ ही ग्यारह प्रमुख राज्यों और तीन संघशासित राज्यों की भी प्रमुख राजभाषा है

संविधान की आठवीं अनुसूची को हिंदी का विशेष स्थान है. हिंदी राष्ट्र को एकता के सूत्र में पिरोती है. हिंदी को जानने वाला व्यक्ति बिना किसी कठिनाई के देश किसी भी कोने से चलकर देशभर का चक्कर लगा सकता है

हिंदी को बोलने व समझने वाले कोने कोने में भरे पड़े हैं. पूरे भारतीय राष्ट्र को पहचान देने के लिए और जन सम्पर्क सुविधाजनक बनाने के लिए एक भाषा होना अत्यंत जरूरी है

हालांकि सभी भारतीय भाषाएं भी महत्वपूर्ण हैं परन्तु अंग्रेजी के वर्चस्व के सामने हमें अपनी भाषा को वरीयता देना आवश्यक है

उपसंहार

राष्ट्रीय एकता कायम करने के लिए भारत में मातृभाषा रूपी मणियों को पिरोने का काम हिंदी ही कर सकती है. अंग्रेजी बोलने में गौरव की अनुभूति मानसिक दासता का लक्षण है

हिंदी के प्रति हीनभावना रखना देशद्रोह की श्रेणी में आता है. हिंदी का भला वही कर सकता है जिसमें विवेक और सद्बुद्धि दोनों हों

भाषा ही संस्कृति की प्रमुख वाहक है अतः भाषा छिन जाने से संस्कृति भी छिन जाती है. एक राष्ट्र कितनी भी ऊंचाई पर पहुंच जाएं परंतु उसे अपनी मुख्यधारा से जुड़ा रहना जरूरी होता है

राष्ट्र की उन्नति के लिए उसे वहां की भाषाओं से ओतप्रोत होना भी जरूरी होता है. हिंदी भाषा इसी संदर्भ में हमें एक नए पद की ओर अग्रसर कर रही है. चाहे वह आजादी से पहले का समय हो या आजादी के बाद का समय

इसीलिए हमें हिंदी भाषा का ज्ञान होना बहुत आवश्यक है. हमारी हिंदी भाषा कड़े संघर्ष के बाद वर्तमान स्थिति तक पहुंची है. हमें इसके गौरव को यूँ ही बनाए रखना है

“हिंदी है देश का मान, बढ़ाती है देश की शान”

Sachin Sajwan

Read More :

Essay on Importance of Hindi language

“हिन्द देश की शान है,
हिंदी से हिंदुस्तान है”

प्रस्तावना

हिंदी विश्व की प्राचीन और सरल भाषाओं में से एक है. हिंदी भारतीय सभ्यता का मूल है. हिंदी से ही भारतीय संस्कृति और संस्कारों की पहचान होती है. केवल राष्ट्रीय ही नहीं अपितु अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हिंदी भारत को सम्मान दिलाती है

विश्व में सबसे अधिक बोले जाने वाली भाषाओं में हिन्दी तीसरे स्थान पर आती है. सम्पूर्ण विश्व में कुल 55 करोड़ लोग हिंदी भाषा का प्रयोग करते है जिसमे 45 करोड़ लोग केवल भारतीय ही हैं

हिंदी भाषा का महत्व

हिंदी अत्यधिक सरल और सुगम भाषा है. विश्व में बोले जाने वाली सभी भाषाओं में से हिंदी सबसे वैज्ञानिक भाषा है. हिंदी भाषा को बोलने और समझने वाले विश्व भर में फैले हुए हैं. हिंदी भाषा के महत्व को हम अग्रलिखित बिंदुओं के माध्यम से समझ सकते हैं

देश की आत्मा है हिंदी

हमारे देश भारत के लिए हिंदी मात्र एक भाषा नहीं है बल्कि एक भाव है, देश की आत्मा है. हिंदी भारतवासियों के जीवन मूल्यों, संस्कृति एवं संस्कारों की सच्ची संवाहक है अर्थात आगे ले जाने वाली है

हिंदी भारतीय मूल्यों एवं संस्कृति का परिचय दुनिया को कराती है. हिंदी प्राचीन भारतीय सभ्यता और आधुनिक प्रगति बीच एक पुल की भूमिका निभाती है

राजभाषा के रूप में हिंदी

कोई भी भाषा अभी तक भारत की राष्ट्रभाषा नहीं बन पाई है. अतः हिंदी भाषा भी भारत की राजभाषा है यानि कि राज्य के कामकाज में इस्तेमाल की जाने वाली भाषा, हमारे संविधान में कुल 22 भाषाओं को आधिकारिक दर्जा दिया गया है, जिसमें अंग्रेजी और हिंदी भाषा भी शामिल हैं

भारत संघ की राजभाषा होने के साथ ही ग्यारह राज्यों और तीन संघ शासित क्षेत्रों की भी प्रमुख राजभाषा हिंदी है. भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में हिंदी अन्य इक्कीस भाषाओं के साथ शामिल है

भारतीय एकता में सहायक हिंदी

हिंदी भाषा देश में सभी धर्मों के लोगों को जोड़कर रखने का कार्य करती है. क्योंकि हिंदी एक ऐसी भाषा है, जिसे हर एक भारतीय आसानी से समझ ही लेता है

इसकी मदद से हम भारतीय आसानी से आपस में बातचीत कर सकते हैं, हम देशभर में आसानी से घूम सकते हैं, यदि हमें हिंदी भाषा बोलनी और समझनी आती है

“देश की एकता की यही पहचान,
करती भारतवासियों का जग में ऊंचा नाम”

एक भावात्मक भाषा हिंदी

भारत की अधिकतर जनता ग्रामीण है और अंग्रेजी नहीं जानती. हिंदी की मदद से अधिकतर भारतवासी अपनी भावनाओं को बहुत ही सरल तरीके से व्यक्त कर सकते हैं. अतः हिंदी से देशवासियों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं

आधुनिक युग में हिंदी

आधुनिक युग इंटरनेट का युग है और इस युग में अंग्रेजी के साथ ही हिंदी भाषा भी अपना पंचम लहरा रही है. आज के समय में हिंदी भाषा हर समाचार पत्र से लेकर हिंदी ब्लॉग तक अपनी पहचान बना रही है. हिंदी भाषा के महत्व को देखते हुए इंटरनेट पर हिंदी ट्रांसलेटर और हिंदी सर्च जैसे विकल्प उपलब्ध हैं जिससे लोगों के लिए हिंदी को समझना और भी आसान हो गया

हिंदी के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं

आज देश में हिंदी के क्षेत्र में रोजगार पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं. सरकारी विभाग की नौकरियाँ, हिंदी पत्रकारिता, हिंदी अनुवादक, हिंदी अध्यापन, हिंदी समाचार वाचक और हिंदी लेखन कार्य जैसे अनेक रोजगार हिंदी के क्षेत्र में उपलब्ध हैं

“भारत का आधार है हिंदी,
सपने करती साकार है हिंदी”

हिंदी के विकास हेतु सरकार द्वारा राजभाषा विभाग का गठन किया गया है. इस विभाग का हमेशा यह प्रयास रहता है कि सभी सरकारी कार्यालयों में कार्य हिंदी भाषा में ही हो. यह विभाग प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस भी मनाता है

14 सितंबर, 1949 के दिन ही संविधान सभा ने हिंदी भाषा को भारत संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था. इस उपलक्ष्य में 1953 के बाद से प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर को हिन्दी दिवस मनाया जाता है

हिन्दी भाषा को मात्र अनुवाद की भाषा नहीं समझा जाना चाहिए बल्कि संवाद की भाषा बनाना चाहिए. देश में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा होने के कारण महात्मा गांधी ने हिंदी को जनमानस की भाषा कहा था. सन 1918 में हिंदी साहित्य सम्मेलन के दौरान भी गाँधीजी ने हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने की बात कही थी

किंतु हिंदी राष्ट्रभाषा नहीं बन पाई और केवल राजभाषा ही बनकर रह गयी. लेकिन इससे हिंदी भाषा के महत्व में तनिक भी कमी नहीं आई. हिंदी भाषा का जितना महत्व आजादी से पूर्व था उतना ही आज भी है

उपसंहार

हिंदी भाषा हमारे भारत देश का गौरव है. अतः हम सभी देशवासियों को देश के गौरव को बढ़ाने का प्रयास करते रहना चाहिए और हिंदी को आम बोलचाल में प्रयोग करके इसे बढ़ावा देना चाहिए. हमें हिंदी के विस्तार के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए और इसका भरपूर सम्मान करना चाहिए

“हिंदी के महत्व को कम मत आंको,
भाषा के आधार पर देश ना बांटो”

Read More :

FAQ’s – अक्सर पूछे गए सवाल

हिंदी दिवस कब मनाया जाता है ?

हिंदी दिवस प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर को मनाया जाता है

भारत की राष्ट्रभाषा का नाम क्या है ?

भारत की राष्ट्रभाषा का नाम हिंदी है

हिंदी को राष्ट्रभाषा कब घोषित किया गया था ?

हिंदी को राष्ट्रभाषा 14 सितंबर, 1949 घोषित किया गया था

संक्षेप में

दोस्तों मुझे उम्मीद है आपको हिंदी भाषा का महत्व पर निबंध (Essay on Importance of Hindi language) अच्छा लगा होगा. अगर आपको यह निबंध कुछ काम का लगा है तो इसे जरूर सोशल मीडिया पर शेयर कीजिएगा

अगर आप नई नई जानकारियों को जानना चाहते हैं तो MDS BLOG के साथ जरूर जुड़िए जहां की आपको हर तरह की नई-नई जानकारियां दी जाती है. MDS BLOG पर यह पोस्ट पढ़ने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद!

यह पोस्ट कितनी उपयोगी थी ?

Average rating / 5. Vote count:

अब तक कोई वोट नहीं, इस पोस्ट को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें

MDS Thanks 😃

पोस्ट अच्छी लगी तो सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें

हमें खेद है कि यह पोस्ट आपके लिए उपयोगी नहीं थी !

हमें बताएं कि हम इस पोस्ट को कैसे बेहतर बना सकते हैं ?

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Please allow ads on our site !

Looks like you're using an ad blocker. We rely on advertising to help fund our site.