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इतिहास क्या है इसकी परिभाषा, प्रकार और महत्व

History kya hai : इतिहास इस शब्द का जिक्र हमने अपने अध्यापकों, दोस्तों और समाचार पत्रों में रूर सुना या पढ़ा है लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि इतिहास क्या है?

जहां तक मुझे लगता है हमने केवल इतिहास को एक विषय के रूप में पड़ा है. आज तक हम सभी को यही बताया गया कि इतिहास एक विषय है जिसमें कि अतीत में घटित घटनाओं के बारे में अध्ययन किया जाता है

इतिहास किसे कहते हैं, इतिहास की परिभाषा, इतिहास की उत्पत्ति कैसे हुई, इतिहास का महत्व क्या है? अगर आपके भी मन में यह सभी प्रश्न उठ रहे हैं तो आप एकदम बिल्कुल सही जगह पर आए हैं

दोस्तों नमस्कार आपका बहुत-बहुत स्वागत है MDS BLOG में, आज मैं आपको हिस्ट्री क्या है इसके बारे में एक डिटेल जानकारी देने वाला हूं. तो आइए बिना समय गवाएं जानते हैं

इतिहास क्या है – What is History in Hindi

इतिहास क्या है

अंग्रेजी भाषा में इतिहास को हिस्ट्री कहा जाता है जोकि यूनानी भाषा के ‘हिस्तरी’ शब्द से निकला है. ग्रीसी शब्द हिस्तरी का हिंदी में अर्थ ‘बुनना या जानना’ होता है. इतिहास शब्द ‘इति+ह+आस’ इन तीन शब्दों के मेल से बना है जिसका शाब्दिक अर्थ है – ऐसा ही निश्चित रूप से हुआ था

पुरानी घटनाओं को सुव्यवस्थित तरीके से रखकर सार्थक रूप में प्रस्तुत करना ही इतिहास है. हेरोडोटस को फादर ऑफ हिस्ट्री कहा जाता है क्योंकि उन्होंने ही पहली बार अपनी पुस्तक The Histories में इस शब्द का वर्णन किया था. हेरोडोटस ने पांचवीं शताब्दी ईसा पूर्व कथात्मक इतिहास का उद्गम किया

परंतु वैज्ञानिक इतिहास का जनक जर्मनी के इतिहासकार रैंक को माना जाता है जिन्होंने अपनी पुस्तक में 1824 में घटनाओं की यथार्थता व निष्पक्षता पर जोर दिया

इतिहास में प्राचीन काल से लेकर एक क्षण पहले तक की घटनाओं का वर्णन माना जाना चाहिए परंतु इसमें सभी जीवों या सृष्टि की अन्य किसी घटना का वर्णन जरूरी नहीं, इसमें केवल मानवीय जीवन की घटनाओं का ही वर्णन होता है

इतिहास के निर्माण के लिए घटना घटित होना आवश्यक है परंतु वह घटना कब, कहां, कैसे और क्यों घटी? इन्हीं बातों का जवाब इतिहास है. डॉ. राधा कृष्ण ने इतिहास को राष्ट्र की स्मरण शक्ति कहा है. वहीं एडवर्ड जेम्स रैपसन ने कहा है इतिहास घटनाओं और विचारों की उन्नति का एक सुव्यवस्थित विवरण है

मानव ने जो कुछ किया और कहा है, यहां तक कि जो कुछ उसने सोचा है वही इतिहास है. कुछ लोग इतिहास को काल्पनिक कहानियां या युद्धों वगैरा का वर्णन मात्र भी कहते हैं परंतु वे इतिहास का एक ही पहलू देख और समझ पाते हैं

पहले इतिहास को सिर्फ राजाओं के युद्ध, किस्सों, कहानियों और धर्म ग्रंथों तक ही सीमित रखा जाता था परंतु धीरे-धीरे दृष्टिकोण बदलता गया

इतिहासकारों और विद्वानों ने स्वीकार किया कि इतिहास प्राचीन काल और वर्तमान के बीच एक अनवरत कड़ी है तथा इससे शिक्षा लेकर मनुष्य सभ्यता अपना भविष्य निर्धारित कर सकती है

बहुत से लोगों के मन में सवाल होता है कि वर्तमान में इतिहास की क्या प्रासंगिकता है? परंतु आज मानव सभ्यता बहुत सी समस्याओं का सामना कर रही है जिनकी जड़ें इतिहास के पन्नों में ही छुपी हुई है

प्राचीनकाल से लेकर उत्तरकाल तक की बहुत सी रूढ़ियां वर्तमान काल में भी मनुष्य का पीछा करती है. प्राचीनकाल रीति रिवाज और धार्मिक विधियां मन की गहराइयों में ऐसे बैठी हुई है कि उनसे छुटकारा पाना आसान नहीं होता

अगर किसी परंपरा के कारण आज कोई समस्या हो तो उसका निवारण जानने के लिए उसकी उत्पत्ति को जानना आवश्यक होता है जो कि इतिहास के पन्नों में है

सामाजिक विज्ञान की जिस शाखा में प्राचीनता से नवीनता की ओर आने वाली मानव जाति से संबंधित विशिष्ट घटनाओं का अध्ययन किया जाता है उसे इतिहास कहते हैं

हिस्ट्री का अर्थ ?

जैसा कि मैंने आपको बताया History को हिंदी में इतिहास कहा जाता है. इतिहास शब्द मूल रूप से संस्कृत भाषा से लिया गया है और यह संस्कृत के तीन शब्दों “इति+ह+आस” से मिलकर बना है जिसका अर्थ है “भूतकाल में जो इस तरह से था” यानी भूतकाल या बीते हुए समय में होने वाली घटनाओं का विवरण ही इतिहास कहलाता है

इसके अलावा हिस्ट्री शब्द के कई सारे अर्थ निकलते हैं, जिनमें से कुछ निम्नलिखित हैं

  • भूतकाल या बीते हुए समय में घटित हुई घटनाओं से सम्बंधित ज्ञान की शाखा
  • किसी विशेष व्यक्ति, देश, काल, समाज और लोगों आदि से संबंधित, भूतकाल में घटित हुई घटनाओं का एक सतत, व्यवस्थित वर्णन, जिसे कालानुक्रमिक ढंग से लिखा जाता है
  • भूतकाल में घटित हुई घटनाओं और समय का रिकॉर्ड, विशेष रूप से मानव जाति के संबंध में

इतिहास की परिभाषा ?

जैसा कि हम जान चुके हैं कि सरल रूप में अगर इतिहास शब्द का मतलब समझा जाये तो यह भूतकाल में हो चुकी घटनाओं से सम्बंधित होता है. किंतु इतिहास की कोई एक विशेष परिभाषा नहीं मानी जाती है

हर व्यक्ति की अपनी अलग परिभाषा होती है. इसी तरह अलग-अलग विद्वानों की इतिहास के सम्बंध में अलग-अलग परिभाषाएं देखने को मिलती हैं जिनमें से कुछ नीचे दी गयी हैं

  • इतिहास मानव जाति के भूतकाल का वैज्ञानिक लेखा-जोखा है – ‘प्रोफ़ेसर घाटे’
  • हर इतिहास विचार का इतिहास होता है तथा एक इतिहासकार के मन में उन विचारों का पुनर्निर्माण होता है, जिनका वह इतिहास के अन्तर्गत अध्ययन करता है – ‘ई. एच. कार’
  • इतिहास अतीत तथा वर्तमान के बीच सेतु के रूप में काम करता है – ‘जी. आर. एल्टन’
  • मानवीय सामाजिक जीवन का वर्णन ही इतिहास कहलाता है – ‘चार्ल्स फर्थ’

इतिहास कितने प्रकार के होते हैं ?

दोस्तों इस दुनिया में जितनी भी चीज़ें हैं उनका अपना कुछ न कुछ इतिहास जरूर होता है. एक मानव का अपना इतिहास होता है, एक गांव, देश, राज्य और दुनिया का अपना इतिहास होता है

एक नदी, पत्थर, जंगल का अपना इतिहास होता है. ऐसे ही अलग-अलग चीजों का अपना ही एक इतिहास होता है. इतिहास कई प्रकारों का होता है जिनमें से कुछ निम्नलिखित हैं

  • राजनीतिक इतिहास (Political history)
  • सामाजिक इतिहास (Social history)
  • आर्थिक इतिहास (Economic history)
  • राजनयिक इतिहास (Diplomatic history)
  • सांस्कृतिक इतिहास (Cultural history)
  • बौद्धिक इतिहास (Intellectual history)
  • कला का इतिहास (History of arts)
  • आधुनिक इतिहास (Modern history)
  • प्राचीन इतिहास (Ancient history)
  • सैन्य इतिहास (Military History)
  • धर्म का इतिहास (History of religion)
  • मानव इतिहास (Human history)
  • मनोवैज्ञानिक इतिहास (Psychohistory)
  • विश्व इतिहास (World history)
  • चिकित्सा का इतिहास (History of medicine)
  • समुद्री इतिहास (Maritime history)
  • सार्वजनिक इतिहास (Public History)

इतिहास के स्रोत कौन-कौन से है ?

इतिहास के स्रोत या ऐतिहासिक स्रोत ऐसी चीज़ें होती हैं जिनसे हमें इतिहास की जानकारी मिलती है. ऐतिहासिक स्रोत ऐसे मूल स्रोत होते हैं जिनमें महत्वपूर्ण ऐतिहासिक जानकारी होती है. ये ऐसे स्रोत होते हैं जो हमें इतिहास के बारे में सबसे बुनियादी स्तर पर सूचना देते हैं और इतिहास का अध्ययन करने के लिये उपयोग किए जाते हैं

ऐतिहासिक स्रोतों में सिक्के, कलाकृतियां, स्मारक, साहित्यिक स्रोत, दस्तावेज, कलाकृतियां, पुरातात्विक स्थल, पत्थर के शिलालेख, पेंटिंग, रिकॉर्ड की गई ध्वनियां, चित्र आदि शामिल हो सकते हैं जिनसे हमें इतिहास के बारे में पता चलता है. प्राचीन अवशेष और खंडहर भी ऐतिहासिक स्रोत के अंतर्गत आते हैं. ऐतिहासिक स्रोतों को आमतौर पर दो वर्गों में बांटा गया है

  1. पुरातात्विक स्रोत : इतिहास के पुरातात्विक स्रोत में स्मारक और शिलालेख आदि आते हैं. इसके अंतर्गत भवन, घर, मिट्टी के बर्तन, मुहरें, सिक्के, स्मारक, पत्थरों या दीवारों पर लेखन और पेंटिंग, उपकरण, आभूषण, हड्डियां, धातुओं के टुकड़े और अन्य कलाकृतियां शामिल हैं
  2. साहित्यिक स्रोत : इतिहास के साहित्यिक स्रोत हमें हमारे पूर्वजों के राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक और सांस्कृतिक जीवन के बारे में सूचित करते हैं. साहित्यिक स्रोत के अंतर्गत प्राचीन काल में लिखा गया साहित्य, ग्रंथ, पुस्तकें आदि आते हैं जैसे- वेद, पुराण आदि

इतिहास का महत्व क्या है ?

किसी भी व्यक्ति, देश, समाज आदि के लिए इतिहास का विशेष महत्व होता है. इतिहास जानने के कई सारे फायदे होते हैं जैसे

ज्ञान में वृद्धि : इतिहास पढ़ने और जानने से हमारे ज्ञान में वृद्धि होती है. हमारी मानसिक और बौद्धिक क्षमता का विकास होता है, इसके साथ ही हमें काफी सारी चीज़ें सीखने को मिलती हैं

आज को समझने में सहायक : इतिहास के अध्ययन से हमें अपने आज को समझने में सहायता मिलती है. आज जो कुछ भी है वह कहीं न कहीं बीते कल में होने वाली घटनाओं का ही परिणाम है. इस तरह इतिहास पढ़ने से हमें यह पता चलता है कि आज जो कुछ भी है वह ऐसा क्यों है और उसके पीछे का कारण क्या है?

कुरीतियों और अंधविश्वासों को मिटाने में सहायक : हमारे समाज में कई सारी रीतियाँ, परंपराएं, धारणाएं और अंधविश्वास मौजूद होते हैं. जो समाज के लिए काफी घातक सिद्ध होते हैं किंतु जब हम इतिहास पढ़ते हैं तो हमें इनके पीछे के कारणों को जानने में मदद मिलती है और हम यह समझने में सक्षम होते हैं कि यह सही हैं या गलत, इस प्रकार हम इनके कारणों को समझकर इन्हें दूर कर एक बेहतर समाज का निर्माण कर सकते हैं

हमें अपनी जड़ों से अवगत करता है : इतिहास के अध्ययन से हमें अपने अतीत की जानकारी मिलती है. हम क्या थे, कैसे थे और क्यों थे और आज हम जो भी हैं उसके पीछे क्या कारण हैं? इस सब के बारे में इतिहास हमें बताता है. इस प्रकार यह हमें हमारी जड़ों से जोड़े रखता है

प्रेरणादायक : इतिहास हमारे वर्तनाम को काफी प्रेरणा देता है. इतिहास पढ़ने से हम जानते हैं कि भूतकाल में किस तरह की समस्याओं और विषम परिस्थितियों को हमने किस तरह हल किया और आज इस मुक़ाम पर पहुँचे, इससे हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है

संस्कृति और परंपराएं : इतिहास का अध्ययन हमें हमारी संस्कृतियों और परंपराओं से जोड़े रखने का कार्य करता है

भूतकाल से सीख कर बेहतर वर्तमान का निर्माण : इतिहास के अध्ययन से हमें यह सीखने को मिलता है कि भूतकाल में किस तरह से कुछ गलतियां हुई और किस तरह उनमें सुधार करके आगे बढ़ा गया. इस प्रकार हम उन गलतियों से सीख सकते हैं और भविष्य में उन्हें दोहराने से बच सकते हैं

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FAQ’s – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

हिस्ट्री का मतलब क्या होता है ?

हिस्ट्री शब्द का मतलब इतिहास होता है. बीते समय में घटित हुई घटनाओं के वर्णन को हिस्ट्री कहते हैं

इतिहास शब्द की उत्पत्ति कैसे हुई ?

इतिहास शब्द की उत्पत्ति ग्रीक भाषा के शब्द ‘हिस्टोरिया’ से हुई और इस शब्द का अर्थ होता है – जानना या खोजना

भारतीय इतिहास का पिता कौन है ?

भारतीय इतिहास का पिता ‘मेगस्थनीज’ को माना जाता है

इतिहास किसे कहते है ?

भूतकाल में घटित होने वाली घटनाओं के अध्ययन को इतिहास कहते हैं

इतिहास का जनक किसे कहा जाता है ?

इतिहास का जनक ‘ हेरोडोटस’ को माना जाता है

इतिहास को कितने भागों में बांटा गया है ?

इतिहास को तीन भागों या कालों में बांटा गया है :
1. प्राचीन इतिहास
2. मध्यकालीन इतिहास
3. आधुनिक इतिहास

आधुनिक इतिहास का जनक किसे कहा जाता है ?

आधुनिक इतिहास का जनक वोलटेयिर को माना जाता है

इतिहास का शाब्दिक अर्थ क्या होता है ?

इतिहास शब्द इति+ह+आस से मिकलर बनता है जिसका अर्थ होता है ‘यह निश्चित था’

संक्षेप में

दोस्त उम्मीद है आपको इतिहास क्या है (What is History in Hindi) यह जानकारी अच्छी लगी होगी. अगर आपको यह जानकारी कुछ काम की लगी तो इसे सोशल मीडिया पर जरूर शेयर कीजिएगा. अगर आप नई-नई जानकारियों में रुचि रखते हैं तो MDS BLOG के साथ जरुर जुड़े. यह पोस्ट पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद

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