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जल संरक्षण के उपाय

नमस्कार दोस्तों क्या आप जानना चाहते हैं जल संरक्षण के उपाय क्या-क्या है? तो यह पोस्ट आपके लिए काफी उपयोगी साबित होगी. इस पोस्ट में आपको जल संरक्षण के कुछ बेहद आसान उपाय बताए गए हैं जिन्हें कि हर कोई उपयोग कर सकता है और भविष्य के लिए जल का संरक्षण कर सकता है. आइए जानते हैं जल संरक्षण के लिए क्या करना चाहिए?

जल संरक्षण के उपाय – Water Conservation Measures in Hindi

जल संरक्षण के उपाय, jal sanrakshan ke upay

दोस्तों भारत में वर्षा काफी अच्छी मात्रा में होती है. लेकिन फिर भी यहां पानी की समस्या है. यह एक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय समस्या है. जल को संरक्षित करके इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है. इसके लिए निम्नलिखित उपाय हैं

  • प्रतिदिन प्रयोग किए जाने वाले जल की मात्रा को कम करना.
  • जल को बिना आवश्यकता के बेकार नहीं बहाना चाहिए.
  • आने वाली पीढ़ियों को जल का महत्व समझाना चाहिए.
  • धुलाई में प्रयुक्त जल को घरेलू पौधों की सिंचाई हेतु प्रयोग करना तथा जिस जल से सब्जी धुलती है उसे अपने बगीचे के पौधे में पुनः प्रयोग करना.
  • फलों, सब्जियों तथा अन्य भोजन सामग्री को धोने के लिए बहते जल के स्थान पर हमें जल से भरा तसला चुनना चाहिए.
  • हमेशा प्रातः काल के समय पेड़ पौधों में पानी डाले क्योंकि इस समय वाष्पीकरण बहुत कम होता है.
  • बर्तन को धोने से पहले भिगोकर रखना चाहिए ताकि पानी की बचत हो सके.
  • बाथरूम एवं शौचालय में पानी की टपकन या पानी के रिसाव को रोकना चाहिए.
  • पेड़ों को पानी देते समय इतनी जल्दी पानी दे जितनी जल्दी वह पौधा पानी को सोक लें.
  • कृषि में टपकन सिंचाई का प्रयोग करें.
  • सिंचाई की अच्छी विधियों का उपयोग करना चाहिए जैसे कि ड्रिप सिंचाई, जिसमें पूरे खेत को पानी से भरने के स्थान पर पौधों की जड़ों में जल की आपूर्ति की जाती है.
  • हमें गिलास में उतना ही पानी लेना चाहिए जितना हमें पीने के लिए आवश्यक हो, गिलास में जरा-सा भी जल मत छोड़िए.
  • जलाशयों जैसे- झीलों, नदियों आदि में कूड़ा-करकट फेंकने तथा कपड़े धोने से बचना चाहिए.
  • घरों की छतों पर वर्षा जल का संग्रह करके इसे भूमि पर बने साफ-सुथरे गड्ढों में संग्रहित करना चाहिए.
  • नालियों में गंदा पानी ना छोड़ कर उसे पुनः सिंचाई में उपयोग करना चाहिए.
  • वर्षा जल छोटे गड्ढों या तालाबों में भी एकत्र किया जा सकता है और यह एकत्रित जल, वाहनों को धोने तथा पौधों को जल देने के लिए उपयोग किया जा सकता है.
  • स्वच्छ जल में बिना बात के फिनाइल, हानिकारक डिटर्जेंट, शैंपू तथा रासायनिक कीटनाशकों का प्रयोग नहीं करना चाहिए.
  • गणेश चतुर्थी पर प्लास्टर ऑफ पेरिस की बनी मूर्ति को जल में नहीं बहाना चाहिए बल्कि घर पर रखें या दूसरों को उपहार में दें.
  • भूमिगत जल के संरक्षण की एक महत्त्वपूर्ण विधि वाटर हारवेसटिंग सरकार द्वारा प्रोत्साहित की जा रही है. इसमें इमारतों की छतों पर गिरने वाले वर्षा जल को भूमि में गहरी खाई में बहने दिया जाता है. यह नदियों में बहने के स्थान पर भूमि जल का पुन: भरण कर देता है. यह सरल विधि बहुत सफल हुई है जहाँ भी इसको परखा गया है इसने भूमिगत जल के स्तर को बढ़ाया है

संक्षेप में

दोस्तों मुझे उम्मीद है आपको जल संरक्षण के उपाय – Water Conservation Measures in Hindi पर यह जानकारी जरूर पसंद आई होगी. अगर आपको यह जानकारी पसंद आई है तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर कीजिएगा

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