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शराब वर्जित बिहार हर्षित पर निबंध

शराब वर्जित बिहार हर्षित पर निबंध : किसी भी राष्ट्र के विकास में नशा एक बड़ी समस्या है. आज शराबबंदी केवल बिहार ही नहीं बल्कि पूरे भारत के प्रमुख मुद्दों में से एक है

क्या आप शराब वर्जित बिहार हर्षित पर निबंध लिखना चाहते हैं तो आप एकदम सही जगह पर आए हैं. इस निबंध को आप भाषण के रूप में भी प्रयोग कर सकते हैं

इस पोस्ट में आपको दो निबंध बताए गए हैं आपको जो अच्छा लगे आप उसे प्रतियोगिता के लिए लिख सकते हैं. तो आइए पढ़ते हैं

शराब वर्जित बिहार हर्षित पर निबंध 300 शब्दों में

शराब वर्जित बिहार हर्षित पर निबंध

“शराब वर्जित बिहार हर्षित का नारा देश में फैलाना है
नशा मुक्ति का यह पैगाम जन-जन तक पहुंचाना है”

शराब का नशा एक ऐसा नशा है जो सिर्फ बर्बादी की ओर लेकर जाता है. जिससे न केवल हमारे शरीर को अपितु समाज तथा अपने लोगों को भी नुकसान पहुंचता है

शराब का ज्यादा सेवन इसकी आदत बन जाती है. यदि किसी व्यक्ति को इसकी लत लग जाए तो आसानी से नहीं छूटती है. यह एक बहुत बड़ी बीमारी का भी रूप धारण कर सकती है

इसका सेवन करने वाला व्यक्ति न केवल स्वयं का अपितु अपने परिवार वालों का भी भविष्य अंधकार की ओर ले जाता है. क्योंकि इसके सेवन के पश्चात व्यक्ति का मस्तिष्क सही और गलत की परख नहीं कर पाता जिसका परिणाम बहुत भयानक हो सकता है

सरकार ने शराब वर्जित करने की और अत्यंत ठोस कदम उठाए हैं. यदि इनके नियमों का पालन कर शराब पूर्ण रूप से वर्जित हो जाए तो यह केवल किसी व्यक्ति ही नहीं वरन पूरे समाज अथवा देश के लिए अत्यंत खुशी की बात होगी

बिहार सरकार द्वारा ‘शराब वर्जित बिहार हर्षित’ की मुहिम चलाई गई है जिसके अंतर्गत पूरे राज्य में शराबबंदी की घोषणा कर दी गई है. परंतु केवल सरकार के प्रयास से ही इस मुहिम में सफल नहीं हुआ जा सकता है

इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को जरूर संकल्प करना होगा तथा स्वयं ही नहीं, दूसरों को भी शराब नहीं पीने के लिए प्रेरित करना होगा. जब प्रत्येक व्यक्ति यह मन में ठान लेगा कि वह सरकार का साथ देगा तथा नशा मुक्ति की और अपना कदम बढ़ाएगा तभी यह मुहिम कामयाबी की तरफ कदम बढ़ाएगी

आज नवयुवाओं में शराब का प्रचलन बढ़ गया है जिसका सीधा असर हमारे देश की उन्नति पर पड़ रहा है. जो नवयुवक हमारे देश के विकास की ओर सीढ़ी बन सकता है आज वह शराब की लत में खोया हुआ है. इसी कारण शराबबंदी अत्यंत आवश्यक हो गई है

हम सरकार की इस मुहिम की सराहना करते हैं तथा यह संकल्प लेते हैं कि हम इस मुहिम में सरकार का पूर्ण रूप से साथ देंगे

“शराब मुक्त हो देश हमारा
आज से यही संकल्प हमारा”

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शराब वर्जित बिहार हर्षित पर निबंध 500 शब्दों में

शराब वर्जित बिहार हर्षित

“जन जन तक यह पैगाम पहुंचाएं
बिहार को शराब वर्जित राज्य बनाएं”

नशे की मार से आज पूरा भारत जकड़ा हुआ है. युवा से लेकर बुजुर्ग, पुरुषों से लेकर महिलाएं जो भी देखो नशे की आदत में लिप्त है

अगर इन व्यक्तियों से पूछा जाए कि आप नशा क्यों करते हैं? तो सामान्यतः जवाब यह मिलता है कि हम बहुत दुखी हैं और अपनी पीड़ा को बुलाने के लिए हम नशा करते है या शराब पीते हैं

यहां ‘कुली’ पिक्चर का एक प्रसिद्ध गाना – ‘मुझे पीने का शौक नहीं है पीता हूं गम भुलाने को’ बिल्कुल सटीक बैठता है

लेकिन जरा सोचिए यदि नशा करने से दुख भुलाया जा सकता तो आज पूरे विश्व में कोई भी व्यक्ति दुखी नहीं होता

किसी भी राष्ट्र या राज्य की जनता ही वहां की सबसे बड़ी पूंजी और ताकत है. यदि यही जनता अंधकार की ओर उन्मुख हो जाएगी तो राष्ट्र की उन्नति तो केवल एक सपना ही बनकर रह जाएगा

“जन-जन को जिसने पहुंचाया नुकसान
शराब है उस जहर का नाम”

आज के समय में युवा वर्ग शराब का सेवन करने को अपना आधुनिकरण समझता है लेकिन उसे नहीं पता वह अपने भविष्य को अंधकार की ओर झुक रहा है

इसे देखते हुए मेरे मन में चंद पंक्तियां आई कि – ‘थोड़ी सी शराब पी, थोड़ी सी उछाल दी, कुछ इस तरह से हमनें जवानी निकाल दी’

शराब को अपने राज्य बिहार से जड़ से उखाड़ने के लिए बिहार में “शराब वर्जित, बिहार हर्षित अभियान” शुरू किया गया है जोकि शराबबंदी के लिए महत्वपूर्ण अभियान है

सरकार के इस प्रयास का सहयोग हम सभी को तत्परता से करना चाहिए जिससे कि हमारे आस-पड़ोस और परिवार में खुशहाली आए और हम सब खुशियों से भरा जीवन जी सके

शराब पीने से व्यक्ति अपनी गलत आदतों को बढ़ावा दे रहा है जिससे आने वाली पीढ़ी भी इस नशे में लिप्त होती जा रही है

अंत में हम कह सकते हैं कि यदि हमें भारत को व बिहार राज्य को नशा मुक्त बढ़ाना है तो इसके लिए हर व्यक्ति को जागरूक होना पड़ेगा तथा मिलकर इस बुराई को जड़ से मिटाना होगा

नशा करना किसी समस्या का समाधान नहीं है बल्कि यह हर समस्या का मूल कारण हो सकता है. यदि हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि शराब वर्जित अभियान का पालन सच्ची निष्ठा से करेंगे तो तभी बिहार हर्षित हो पाएगा

“शराब विस्की छोड़कर
कर लीजिए धर्म-ध्यान,
वरना फिर पछताओगे
हो न सकेगा जब कल्याण”

संक्षेप में

शराब वर्जित बिहार हर्षित पर निबंध आपके लिए कितना उपयोगी था कमेंट बॉक्स में हमें जरूर बताएं. यदि आपको लगता है कि इस पोस्ट में और अधिक सुधार किया जा सकता है तो हमें अपने सुझाव जरूर दें

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